मध्य प्रदेश

एक ही फ्रिज में मिला वेज और नॉनवेज खाना रेस्टोरेंट की जांच में खुली पोल

Kavita2
22 Sept 2026 10:44 AM IST
एक ही फ्रिज में मिला वेज और नॉनवेज खाना रेस्टोरेंट की जांच में खुली पोल
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इंदौर: खाद्य सुरक्षा को लेकर मिली शिकायतों और अचानक की गई जांच के बाद सोमवार को फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन की टीम ने तीन खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों के रखरखाव से जुड़ी कई कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों से कुल 13 खाद्य नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

सीनियर फूड सेफ्टी ऑफिसर मनीष स्वामी के मुताबिक विभाग की टीम ने बाईपास रोड स्थित 'करीईव्स' (Curryeves) रेस्टोरेंट में अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट और प्रतिष्ठान का पेस्ट-कंट्रोल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं मिला। इसके अलावा रसोई में साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के भंडारण की व्यवस्था में भी खामियां पाई गईं।

किचन में खुले मिले डस्टबिन

अधिकारियों ने रेस्टोरेंट के किचन का निरीक्षण किया तो वहां खुले डस्टबिन मिले। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से रसोई में कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था होना जरूरी है। खुले कूड़ेदान के कारण मक्खियों, कीड़ों और दूसरे संक्रमण फैलाने वाले कारकों का खतरा बढ़ सकता है।

जांच टीम ने रसोई में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों, खाद्य सामग्री रखने के स्थान और कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही स्वच्छता व्यवस्था का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालक को कमियों को दूर करने और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

एक ही फ्रिज में रखा था वेज और नॉनवेज

निरीक्षण के दौरान सबसे महत्वपूर्ण खामियों में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों का एक ही फ्रिज में रखा जाना शामिल रहा। अधिकारियों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई और खाद्य सामग्री को अलग-अलग तथा सुरक्षित तरीके से रखने के निर्देश दिए।

वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को सही तरीके से अलग न रखने पर क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा हो सकता है। विशेष रूप से कच्चे मांस या उससे जुड़े उत्पादों को तैयार भोजन अथवा दूसरी खाद्य सामग्री से अलग और निर्धारित तापमान पर रखना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से जरूरी माना जाता है।

रेस्टोरेंट प्रबंधन को स्टोरेज व्यवस्था में सुधार करने के लिए कहा गया है, ताकि अलग-अलग प्रकार के खाद्य पदार्थों के बीच संपर्क की संभावना को कम किया जा सके।

चार खाद्य पदार्थों के लिए गए सैंपल

करीईव्स रेस्टोरेंट से अधिकारियों ने चार खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। इनमें रेड ग्रेवी, ब्राउन ग्रेवी, पनीर और दही शामिल हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है।

लैब में इनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं। इसलिए केवल निरीक्षण के दौरान मिली स्वच्छता संबंधी कमियों के आधार पर नमूनों को असुरक्षित घोषित नहीं किया गया है।

अगर प्रयोगशाला रिपोर्ट में किसी नमूने को मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

मेडिकल सर्टिफिकेट भी नहीं मिले

जांच के दौरान रेस्टोरेंट के कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई। खाने-पीने के प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों की स्वास्थ्य स्थिति खाद्य सुरक्षा से सीधे जुड़ी होती है। खाद्य सामग्री तैयार करने और ग्राहकों को परोसने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेजों को लेकर निर्धारित नियमों का पालन जरूरी होता है।

इसके अलावा पेस्ट-कंट्रोल सर्टिफिकेट भी जांच टीम को नहीं मिला। रेस्टोरेंट और किचन जैसी जगहों पर कीट नियंत्रण जरूरी है, क्योंकि कॉकरोच, मक्खियां और अन्य कीट खाद्य पदार्थों को दूषित कर सकते हैं।

अधिकारियों ने इन दस्तावेजों को लेकर भी प्रतिष्ठान प्रबंधन से जवाब मांगा है और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

तीन प्रतिष्ठानों की हुई जांच

फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन की कार्रवाई केवल एक रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रही। सोमवार को कुल तीन खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई शिकायतों और औचक निरीक्षण के आधार पर की गई।

तीनों प्रतिष्ठानों से कुल 13 नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों में अलग-अलग तरह के खाद्य पदार्थ शामिल हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया है।

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट मिलने के बाद प्रत्येक नमूने की स्थिति स्पष्ट होगी। अगर कोई नमूना मानकों के विपरीत पाया जाता है तो नियमानुसार संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ग्राहकों की सेहत से जुड़ा मामला

रेस्टोरेंट, होटल और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई का सीधा संबंध ग्राहकों के स्वास्थ्य से होता है। खाना तैयार करने से लेकर उसे स्टोर करने और परोसने तक हर स्तर पर स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।

खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान पर रखना, कच्चे और तैयार भोजन को अलग रखना, किचन को साफ रखना, कचरे का उचित निस्तारण और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

इन नियमों में लापरवाही से भोजन दूषित होने की आशंका बढ़ सकती है। यही वजह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर रेस्टोरेंट और दूसरे प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करता है।

लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल जांच के दौरान लिए गए सभी 13 नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने तक नमूनों की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अधिकारियों ने निरीक्षण में मिली साफ-सफाई और दस्तावेज संबंधी कमियों को दूर करने के लिए संबंधित प्रतिष्ठानों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

अगर दोबारा निरीक्षण के दौरान सुधार नहीं पाया जाता या प्रयोगशाला रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के विपरीत मिलते हैं तो आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन की इस कार्रवाई ने एक बार फिर रेस्टोरेंट में किचन की स्वच्छता और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के महत्व को सामने ला दिया है। ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने जांच अभियान जारी रखने के संकेत दिए हैं।

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